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शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

रानू मंडल जिनका गाना गाकर फेमस हुई कहां है आजकल किस हालत में है वह लेखक ?

रानू मंडल जिनका गाना गाकर फेमस हुई कहां है आजकल किस हालत में है वह लेखक ?

रानू मंडल ने स्टूडियो में इस तरह जीता हिमेश
एक प्यार का नगमा है मोजो की रवानी है इस गाने को लिखने वाले लेखक

रानूू मंडल एक मेने पहले तक रेलवे स्टेशन पर गाना गाती थी, जो पैसे मिलते से उससे अपना पेट पालती थी किसी ने उनका गाना एक प्यार का नगमा हे रिकॉर्ड करके facebook पर अपलोड कर दिया, वीडियो वायरल हुआ रानूू मंडल फेमस हो गई अब वो फिल्मों के लिए गाने का रही ! इसी बीच यह खबर आई की प्यार का नगमा है यह गाना जिसने लिखा वह लेखक खुद गुमनामी की जिंदगी जी रहा है,
लेखक का नाम है संतोष आनंद उनका गाना गा कर रानू मंडल star गई लेकिन संतोष कहां हैं यह कोई नहीं जानता था गुमनामी वाली खबरें आई तो संतोष तक भी पहुंची और फिर वो खुद सामने आए और इन खबरों का खंडन किया!
  ranu mandal wins himesh reshammiya heart in studio watch inside video - रानू मंडल ने स्टूडियो में इस तरह जीता हिमेश ... -
संतोष आनंद कवि सम्मेलनों में हिस्सा लेते हुए

संतोष आनंद मैं क्या कहा

संतोष ने facebook पर एक वीडियो अपलोड किया उन्होंने उस वीडियो में बताया कि वह एकदम ठीक है, और चीज जिंदगी की रहे हैं उन्होंने कहा कि सूरह भारत को बहुत बहुत प्रणाम दो दिन से आप सभी लोगों ने मेरे लिए चिंता जताई हैं तो मुझे लगा कि मेरे लिए बहुत बडा प्यार है आप सभी का मैंने हमेशा प्यार ही किया है और करता रहूंगा कोई आगे बढ़ता है तो मुझे बहुत खुशी होती है,
इन दिनों जिस-जिस कार्यक्रम में में गया मुझे तो घंटे से पहले उठने नहीं दिया गया मेरा लिखा एक गाना है (एक प्यार का नगमा है मोजो की रवानी है) मैं इसका ने का फैला शब्द खाता हूं तो पूरी जनता खड़ी हो जाती है, मुझे पूरा गीत सुना देती है इस बीच में इतने भी अंंतरे हैं वो सब याद ही लोगों को बच्चों से लेकर ढूंढो आज छोटे-छोटे बच्चे भी सुनाते हैं मैं खुश होता हूं मेरे लिए यह बहुत बड़ा पुरस्कार है !
बेटे की मौत के बाद गुमनाम है 'एक प्यार का नग़मा' लिखने ...
इतने बड़े कलाकार अब किस हालत में हैं और कहां है


संतोष आनंद कहां है और कैसे हैं

साल 1970 से लेकर 1995 तक फिल्मों के लिए बेहतरीन गाने लिखने वाले संतोष आनंद इस वक्त दिल्ली में हैं वह सुखदेव विहार कॉलोनी के एक फ्लेट मेे मैं रहते हैं फिल्म दुनिया से काफी दूर किसी जमाने में हर वक्त एक्टिव रहने वाले संतोष ठीक से चल भी नहीं पाते थोड़ी हिम्मत करके वॉकर की मदद से कुछ कदम चल पाते हैं व्यक्तिगत तौर पर वो बहुत ज्यादा नुकसान जैल चुके हैं साल 2014 मैं उनके बहू और बेटे ने कथथ तौर पर सुसाइड कर लिया इस घटना के गाव संतोष के दिल में आज भी मौजूद है,
संतोष का जन्म उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद दिल्ली में होने वाले कवि सम्मेलन में हिस्सा लेते थे कविताएं भी लिखते थे, पहली बार फिल्म के गाना लिखने का ऑफर मिला 1970 में (पूरब पश्चिम) फिल्म मैं गाना लिखा उसके बाद कई फिल्मों में गाने के लिए ऑफर आए उन्होंने कहीं फिल्मों में ऐसे सुपर हिट गाने लिखे हैं जो लोग आज भी सुनना पसंद करते हैं और वह गाने दिल को छू जाने वाले हैं उन गानों में अंतरे एक कुछ ऐसे हैं कि लोगों का मन नहीं भरता 

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